मर कर जी जाने दे

प्यार से मेरा आँचल, आज भर जाने दे

अपनी बाहों में समा ले, और मर जाने दे...

Comments

  1. माशाअल्लाह, कोई देखे आपकी यह लाइन और देख ले कि कैसे एक शे'र कभी दीवान पर भी भारी पड़ सकता है.
    एक शेर अपना याद आया जो कि आपके इस नायाब कलाम के सामने तो बौना है पर सुन लें :
    वश्‍ल की हमें है इक शाम बहुत
    शबनम, गुल का है ईनाम बहुत.

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