Wednesday, July 13, 2011

Allow me




Allow me to be your child
and roll into your arms

allow me to be your pupil
and drink from your palms

allow me to be your heroine
and cavort around you

allow me to be your lover
and kiss you red n blue

allow me to be your mentor
and show you the source of light

allow me to be your friend
and paint your world bright

allow me to be your parent
and pour my soul into you

allow me to be just anyone
who can help you to be true

allow me my friend
to partner you forever
to fight for you, stand up for you
and desert you just never.

हवाएँ हँसती हैं




तुम साथ रहती हो,
तो हवाएँ हँसती हैं

दीवारें खिलखिलाकर पूछती हैं मुझसे
'तो मिल आई सखी से?'
साथ चलती सड़कें
पलटकर खड़ी हो जाती हैं
और गुदगुदाकर कहती हैं,
'बड़ी रौंद है आज तेरे कदमों में...
वैंडी से मिली थी क्या?'

कॉफी शॉप का तो पूछो ही मत
उनकी आत्मा तो जैसे
मेरे पैरों में गिड़गिड़ाती हैं
फिर ऑर्डर करती हैं,
'जा, माना ला उसे,
ज़रूर तूने मायूस किस होगा'
बाकी सब दुकानें
बगावत में साथ हो जाती हैं,
फिर धमकी देती हैं,
'सोच ले, तेरे बिस्कुट-चॉकलेट
सब धरे के धरे रह जाएँगे'

तितलियाँ भी न जाने कहाँ से
आ गालों पर नाचती हैं
जब जब तुमसे मिलके
दो-चार बेदिमाग बातें करके
कई और भले बुरे ताने सुनके
कभी सद के, तो कभी लड़ के
पर हमेशा प्यार से
जब वापस घर जाती हूँ
तो वो पीली तितलियाँ
भूल से मुझे फूल समझ बैठती हैं

गर दिन में तुम न मिली,
तो शाम मज़ाक करती है
उपहास में कहती है,
'मूड क्यों ऑफ है तेरा?'
रात भी उंगली करती है
'बात कर ले वरना नींद नहीं आएगी'

ये सब - ये दीवारें, ये सड़कें
ये दुकाने, ये चौराहे
ये तितली ये जुगनू
सब जलते हैं,
मेरी-तुम्हारी दोस्ती से
मेरी खुशनसीबी से...

क्योंकि तुम भले ही,
खुद को दुत्कार लो,
मुझे तानों से मार लो,
अपने आप को second citizen मान लो,
कुछ भी कर लो,

पर ये सब गवाह हैं,
की तुम मेरी सच्ची
मेरी प्यारी
मेरी अनमोल
सखी हो।

इसलिए तुम साथ रहा करो,
हवाएँ हँसती रहेंगी