Sunday, May 9, 2010

that's me

people who laugh a lot

who help and care and share

are loved and sought by all

for they're lively and so very rare

they sing aloud in the autumn

and dance with mirth in the rain

and so perfectly do they manage to hide

their own dark world of pain

(inspired by sher: वो हमसे पूछते हैं, हम इतना क्यों हँसते-हंसाते हैं, अरे उन्हें क्या पता, हम अपनी हंसी में अपना दर्द छुपाते हैं..)

Saturday, May 8, 2010

Benign Cruelty

without looking my way
you do as you please
i find no words to say
before your indifferent ease

when tears roll down
making my heart shatter
surprised, you ask
'what's the matter?'

तेरी याद

मैं तो मिट ही चली थी जब
सुर्ख लहू में जैसे आग समाई
मार के भी न मरने दिया तूने
हाय! तेरी याद फिर आई
हाय! तेरी याद फिर आई...

come back

'I'll come back baby'
you said as you left
i've been watching the road
as my heart gets cleft

i've not given up hope
losing is not my knack
tied to end of rope
counting till you come back

a poem

what is a poem
but a wrung of anguish
the sound of hope
broken in a thud
the cry of a soul
inked in blood

उफ़ ये सावन

तुम तो चले गए
पर वो फिजायें न गयीं

दिल को गुदगुदा दे
वो ठंडी हवा आज भी बहती है
पेड़ पर बैठी पगली कोयल
प्यार से कुछ आज भी कहती है
गीली मिटटी की सौंधी खुशबू
आज भी बहकाती है
ठिठुरते तन को बारिश की बूँदें
आज भी सहलाती हैं
पुराने गानों की वो जानी-सी धुन
आज भी सुनाई देती है
वो घर, बगीचे, दुकानें
आज भी दिखाई देती हैं

तुम तो चले गए
पर सावन लौट आया है

अब हवाएं सहलाती नहीं,
तडपाती हैं
बारिश की बूँदें
बदन में छेद कर जाती हैं
जो मन छलांगे भरता था
अब दबता सा जाता है
जहां एक पल खाली न था
अब खालीपन से भरा जाता है

एक टूटे दिल के लिए
क्या बरसात और क्या नजाकत है
सच पूछो मुझे तुमसे नहीं
इस मौसम से शिकायत है...

thanks for coming

The mask is off
and the dust has settled
curtains are drawn
and no one's nettled

it's time i come out
and convey you my thank
in words, not bout
clear and frank

for all the hurt
and my vainful yearn
invaluable lessons
you made me learn

thank you for not being there
when i called you in need
and not considering it worth
to pay any heed
now i know fully
the meaning of care
and value those people
who've always been there

thank you for dishing out
those misleading lies
i know like never before
what each word implies
i know for a bond
how damaging lies can be
and the meaning of trust
i can now clearly see

thank you for never understanding
what my tears said
i've seen enough meanness
and how dependence is bred
i know very well
happiness is found within
in peace and in love
not in fight and din

thank you for everything
that you were not
i know what i now want
is not i once sought.

Tuesday, May 4, 2010

ये जीवन जीने के लिए है

माना हर उम्मीद की कली
समय समय पर नहीं फूली
और फूल जो खिल आये भी
खारों से सजे हुए हैं
पर उन कच्चे फूलों में भी
सुगंध, रंग और रास है
बाग़ लहराते हैं, मधुबन सौंदर्य के लिए है
ये जो जीवन है, ये जीने के लिए है

हर मोड़ के इम्तेहान में
कहाँ कोई निकल पाया है
प्यार को ही देख लें
एक मंडराता साया है
फिर भी जश्न हैं
रिश्ते और नाते हैं
ये खुशियाँ, ये संगम, रस पीने के लिए हैं
ये जो जीवन है, ये जीने के लिए है

एक मकाम पर
हर शख्स ठहरा है
दर्द में दिल, लकीरों में चेहरा है
तब भी नयी सोच, नयी मंजिल, नया सृजन है
ये ख़ुशी और सपनों के धागे, चोटों को सीने के लिए हैं
ये जो जीवन है, ये जीने के लिए है..