Tuesday, May 4, 2010

ये जीवन जीने के लिए है

माना हर उम्मीद की कली
समय समय पर नहीं फूली
और फूल जो खिल आये भी
खारों से सजे हुए हैं
पर उन कच्चे फूलों में भी
सुगंध, रंग और रास है
बाग़ लहराते हैं, मधुबन सौंदर्य के लिए है
ये जो जीवन है, ये जीने के लिए है

हर मोड़ के इम्तेहान में
कहाँ कोई निकल पाया है
प्यार को ही देख लें
एक मंडराता साया है
फिर भी जश्न हैं
रिश्ते और नाते हैं
ये खुशियाँ, ये संगम, रस पीने के लिए हैं
ये जो जीवन है, ये जीने के लिए है

एक मकाम पर
हर शख्स ठहरा है
दर्द में दिल, लकीरों में चेहरा है
तब भी नयी सोच, नयी मंजिल, नया सृजन है
ये ख़ुशी और सपनों के धागे, चोटों को सीने के लिए हैं
ये जो जीवन है, ये जीने के लिए है..

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