Friday, August 5, 2011

दिल्ली में बारिश

दिल्ली में बारिश
मज़ाक सा लगता है...
ठीक वैसा,
जैसा कभी तुमने मेरे साथ किया था

आए थे,
तो सिर्फ जाने के लिए

मिले थे,
जैसे एहसान जताने के लिए

जितना सुकून दे न गए
उससे कहीं अधिक
बेचैनी बढ़ा गए

तन तो गीला कर गए
पर मन सूखा छोड़ गए

बिन मौसम आए
बिन मौसम बरसे

पर जब मन से पुकारा,
जब दिल से आह भरी,
जब हाथ जोड़ कर बिनती की,
जब आँसू तक राह देखते थक गए,

तब
तब ज़ालिम
तब

तुम न आए

दिल्लगी करने के लिए कुछ और न मिला था क्या...
जो मेरी तमन्नाओं के साथ खेलते रहे?

तुम्हारा मज़ाक
दिल दुखाने वाला मज़ाक
ठीक दिल्ली की बारिश जैसा लगता है...

Tuesday, August 2, 2011

The Wait


There's a shiver in my spine
something slips in my chest
my mouth is going dry
i can't relax or rest

my knees are a lil wobbly
& my stomach is making sounds
all i see is blur n haze
is it something i lost, or something i found?

i've always been impatient
to hide you in my soul
& now that you'll be here
i seem to have lost control!

thrill grips my limbs
as i hear the coming of my mate
toughest, maddest, longest
are the last few hours of wait.