Saturday, April 24, 2010

तुमसे मिलने को दिल करता है

यूं तो मेरा पागल दिल, किसी और पर ही मरता है

फिर मैं न जानूं क्यों हर दिन, तुमसे मिलने को दिल करता है

इस बड़ी सयानी दुनिया में, जहां एक शख्स भी न ठहरता है,

वहाँ पलके बिछाए इंतज़ार में, तुमसे मिलने को दिल करता है

वैसे तो सपनों का नगर, कभी संवरता कभी बिखरता है

खुश रहूँ या बेहद गुमसुम, तुमसे मिलने को दिल करता है

आने वाले कल की सोच, सचमुच मन भीतर डरता है

पर बीती यादों की चादर तले, तुमसे मिलने को दिल करता है..

उजड़े मन की बगिया में, सपनों का राख लहरता है

लाख मनाऊँ दिल को मगर, तुमसे मिलने को दिल करता है...


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  2. Some times i feel...

    lets get back..back to the time
    when life was simple & u were mine

    Time went by,Distances increased
    I was alone as u were my need

    Sometimes I miss when you made me cry
    Better to feel those tears than feel barely alive

    As I’m laying here trying to sleep at night
    I wonder if I'll ever see the light

    I bared myself to you,in every possible way
    Just to be left alone in this shaky world to stay

    You are above all this..Spritual to me as i see
    I may move on with life.eventually.

    But close in me u r my "Radha" for whom i'll be
    "Krishna" my love my life.

    Just that some times i feel......